श्री कार्तवीर्यार्जुन स्तोत्र एवं हिंदी अर्थ
श्लोक 1
कार्तवीर्यार्जुनो नाम राजा बाहुसहस्रवान्।
तस्य स्मरणमात्रेण गतं नष्टं च लभ्यते॥
हिंदी अर्थ:
कार्तवीर्यार्जुन नाम के एक महान राजा थे, जिनकी एक हजार भुजाएँ थीं। ऐसी मान्यता है कि उनका केवल स्मरण करने मात्र से खोई हुई और नष्ट हुई वस्तु पुनः प्राप्त हो सकती है।
श्लोक 2
कार्तवीर्यः खलद्वेषी कृतवीर्यो सुतो बली।
सहस्रबाहुः शत्रुघ्नो रक्तवासा धनुर्धरः॥
हिंदी अर्थ:
कार्तवीर्यार्जुन दुष्टों और अधर्मियों के शत्रु, राजा कृतवीर्य के पराक्रमी पुत्र और अत्यंत बलशाली थे। वे सहस्रबाहु अर्थात हजार भुजाओं वाले, शत्रुओं का नाश करने वाले, लाल वस्त्र धारण करने वाले तथा धनुष धारण करने वाले थे।
श्लोक 3
रक्तगन्धो रक्तमाल्यो राजास्मर्तुरभीष्टदः।
द्वादशैतानि नामानि कार्तवीर्यस्य यः पठेत्॥
हिंदी अर्थ:
वे लाल चंदन या सुगंध धारण करने वाले, लाल पुष्पों की माला पहनने वाले और अपने भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाले राजा थे। जो व्यक्ति कार्तवीर्यार्जुन के इन बारह नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करता है, उसे उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
श्लोक 4
सम्पदस्तत्र जायन्ते जनस्तत्र वशंगताः।
आनयत्याशु दूरस्थं क्षेमलाभयुतं प्रियम्॥
हिंदी अर्थ:
ऐसी मान्यता है कि जहाँ इन नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ किया जाता है, वहाँ सुख-समृद्धि आती है और लोगों के बीच प्रेम एवं सद्भाव बढ़ता है। साथ ही दूर चला गया प्रिय व्यक्ति या खोई हुई प्रिय वस्तु शीघ्र वापस प्राप्त हो सकती है तथा जीवन में मंगल और लाभ की प्राप्ति होती है।
श्लोक 5
सहस्रबाहुं महितं सशरं सचापम्।
रक्ताम्बरं विविध रक्तकिरीट भूषम्॥
हिंदी अर्थ:
हजार भुजाओं वाले, महान और तेजस्वी भगवान कार्तवीर्यार्जुन का ध्यान करना चाहिए। वे हाथों में बाण और धनुष धारण किए हुए हैं। उन्होंने लाल वस्त्र पहने हैं तथा विभिन्न प्रकार के लाल रंग के मुकुट और आभूषणों से सुशोभित हैं।
श्लोक 6
चोरादि दुष्टभयनाशनमिष्टदन्तम्।
ध्यायेन महाबलविजृम्भित कार्तवीर्यम्॥
हिंदी अर्थ:
भगवान कार्तवीर्यार्जुन चोरों और अन्य दुष्टों से उत्पन्न होने वाले भय का नाश करने वाले तथा अपने भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करने वाले माने जाते हैं। ऐसे महान शक्तिशाली और पराक्रमी कार्तवीर्यार्जुन का श्रद्धापूर्वक ध्यान करना चाहिए।
श्लोक 7
यस्य स्मरणमात्रेण सर्वदुःखक्षयो भवेत्।
यन्नामानि महावीरश्चार्जुनः कृतवीर्यवान्॥
हिंदी अर्थ:
जिनके स्मरण मात्र से सभी प्रकार के दुःखों का नाश होने की मान्यता है, उन महावीर कार्तवीर्यार्जुन का नाम अत्यंत पवित्र और कल्याणकारी माना गया है। वे राजा कृतवीर्य के महान पराक्रमी पुत्र थे।
श्लोक 8
हैहयाधिपतेः स्तोत्रं सहस्रावृत्तिकारितम्।
वाचितार्थप्रदं नृणां स्वराज्यं सुकृतं यदि॥
हिंदी अर्थ:
यह स्तोत्र हैहय वंश के अधिपति भगवान कार्तवीर्यार्जुन की स्तुति में रचित है। मान्यता है कि इसका श्रद्धापूर्वक बार-बार पाठ करने से मनुष्य की इच्छाओं की पूर्ति, पुण्य फल और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
॥ इति श्री कार्तवीर्यार्जुन द्वादश नाम स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥
हिंदी अर्थ: इस प्रकार श्री कार्तवीर्यार्जुन द्वादश नाम स्तोत्र का पाठ यहाँ पूर्ण होता है।
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