आपको ही आसरो है,आपको ही शरणो है,
आपके ही चरणो में,जीणो ओर मरणो है,

आप ही माता-पिता,कुटुम्ब परिवार हो,
भाई बन्धु सखा सहायक,तुम ही शरदार हो,
जीवन को उद्धार प्रभु,आपने ही करणो है,

शरण आए की लज्जा,राखो तुम दीनानाथ,
भव बीच नैया डोले,डोरी अब तेरे हाथ,
भलो बुरो जो भी हूँ में,आपने विचारणो है,

तुम ही नैया खवैया,तुम ही पतवार हो,
दीन बन्धु दु:खियों के,तुम ही आधार हो,
अर्ज हमारी प्रभु,आपको ही तारणो है,

ॠषि मुनी गण सब,करे सब बन्दगी,
सुणलो पुकार प्रभु,अब सदानन्द की,
शरण आये को प्रभु,सारो दुःख हरणो है,

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह