मेरी बिगड़ी बनाई बात माँ शेरावाली ने,
मेरा खूब निभाया साथ माँ शेरावाली ने,
काली ने महाकाली ने….

भटक रही थी मैं तो कब से,
आया एक संदेशा नभ से,
लगन लगी चरणों में जबसे,
हुई भगतनी माँ की तब से,
मुझे दिखलाई करामात माँ पहाड़ावाली ने…..

जब जब मैं कष्टों ने घेरी,
चामुंडा की माला फेरी,
काल भैरवी चंडी तेरी,
राखी पाठ दुर्गा ने मेरी,
मेरा पकड़ उभरा हाथ माँ शेरावाली ने…..

मन मंदिर में ज्योत जागकर,
प्रेम का सागर चलो बहाकर,
सत्य अहिंसा को अपनाकर,
कवी विजन देखो अजमाकर,
रेहमत करदी माँ ज्योतावाली ने…..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

संकष्टी चतुर्थी

बुधवार, 24 जुलाई 2024

संकष्टी चतुर्थी
कामिका एकादशी

बुधवार, 31 जुलाई 2024

कामिका एकादशी
मासिक शिवरात्रि

शुक्रवार, 02 अगस्त 2024

मासिक शिवरात्रि
हरियाली तीज

बुधवार, 07 अगस्त 2024

हरियाली तीज
नाग पंचमी

शुक्रवार, 09 अगस्त 2024

नाग पंचमी
कल्कि जयंती

शनिवार, 10 अगस्त 2024

कल्कि जयंती

संग्रह