गौरा जी दे लाल

गणपति देवा जय गणपति देवा,
गौरा जी दे लाल नू पहला मै ध्यावा,
चरणा विच शीश झुकावा……

रूप सलोना तेरा मुसे दी सवारी है,
गणपति बप्पा तेरी महिमा न्यारी है,
एक पल बिना तेनु दिल चो भुलावा,
चरणा विच शीश झुकावा……

रिद्धि सिद्धि दें दाता कहना जग सारा है,
देवा दा देव गणपत सब का सहारा है,
मन दे मंदिर विच तेनु मै बसावा,
चरणा विच शीश झुकावा…….

लिख्दा लेख शोभा दरबार दी,
भर दिए झोली एथे सारे संसार दी,
मै भी तेरे दर दी महक बन जावा,
चरणा विच शीश झुकावा,
गौरा जी दे लाल नू पहला मै ध्यावा,
चरणा विच शीश झुकावा……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह