उर में पधारो मेरे

उर में पधारो मेरे गजानन उर में पधारो मेरे ,
कर रहे वंदन तुम्हारे गजानन उर में पधारो मेरे,

माता उमा पिता शिव भोले,जाटा से गंग बहावे,
सब देवन में पूजित पहले शिव नन्दन कहलावे,
गजानन उर में पधारो मेरे , उर में पधारो मेरे,

एक दंत गजवदन मनोहर,भक्त जनन के प्यारे,
मूषक वाहन कुंडल कानन,गजमुख मन मोरे भावे,
गजानन उर में पधारो मेरे , उर में पधारो मेरे ,

ऋद्धि सिद्धि तेरी चवर डुलावत लडुवन भोग लगावे,
रघुवीर वंदन गावे तेरे चरणों में शीश झुकावे ,
गजानन उर में पधारो मेरे,उर में पधारो मेरे ,

Author: रघुवीर पाण्डेय

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