जपो रे जपो सतगुरु नाम ओ भैया

जपो रे जपो सतगुरु नाम ओ भैया,
भवसागर से पार लगेगी तेरी जीवन नैया,
जपो रे मन राम रमैया, रमैया राम रमैया॥

पंचतत्व की निर्मल काया, प्रभु प्रसाद से पाई,
माया ईर्ष्या द्धेष कपट विशियों में सदा गवाईं,
अब तो चेत अरे अज्ञानी, वो ही पार लगैया,
जपो रे मन राम रमैया, रमैया राम रमैया॥

प्रभु नाम की अमर औषधि, जनम मरण छूट जावे,
प्रभु कृपा से परमपात की, मोक्ष अमर पद पावे,
छीन छीन पल पल आयु जात है, यों पानी में नैया,
जपो रे मन राम रमैया, रमैया राम रमैया॥

भाई बंधू और कुटुंब कबीला, देख देख इतराता,
पर तारा पर संपत्ति खातिर, ब्रह्मित मूड ललचाता,
सतगुरू का तू नाम तू जप ले पार करे तेरी नैया,
जपो रे मन राम रमैया, रमैया राम रमैया……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी

संग्रह