जो कुछ भी हु मैं गुरुवर तेरी मेहरबानी है

तुमसे ही मिली खुशिया तुम से जिंदगानी है,
जो कुछ भी हु मैं गुरुवर तेरी मेहरबानी है,
तुमसे ही मिली खुशिया तुम से जिंदगानी है….

कभी सोचा न था मैंने तूने वो कर डाला,
तुने मेरे जीने का अंदाज बदल डाला,
तेरी महिमा गाई तो पेहचान ये पाई है,
जो कुछ भी हु मैं गुरुवर तेरी मेहर मेहरबानी है….

सुना मेरा जीवन था तू बन के बाहार मिला,
मेरी नाव् भवर में थी बन के पतवार मिला,
पहले गम के आंसू से अब खुशिया आई है,
जो कुछ भी हु मैं गुरुवर तेरी मेहरबानी है….

तूने ज्ञान जगाया है भगती भी जगाई है,
हम भगतो की तूने तकदीर बनाई है,
तेरी शरण में रेहना तुमसे प्रीत लगाई है,
जो कुछ भी हु मैं गुरुवर तेरी मेहरबानी है….

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