मैंने ऐसा सतगुरु पाया है

मैंने ऐसा सतगुरु पाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है,
मैंने ऐसा सतगुरु पाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है॥

मैं तो बंद कली थी बागो की,
सतगुरु ने आज खिलाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है,
मैंने ऐसा सतगुरु पाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है॥

अन्धकार में मै तो पड़ी हुई,
सतगुरु ने दीप जलाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है,
मैंने ऐसा सतगुरु पाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है॥

मेरी बीच भवर में नाव पड़ी,
सतगुरु ने पार लगाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है,
मैंने ऐसा सतगुरु पाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है॥

मोह माया में मै तो फसी हुई,
सतगुरु ने फंद छुड़ाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है,
मैंने ऐसा सतगुरु पाया है,
मेरा रोम रोम हर्षया है……

Author: Unknown Claim credit

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