सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो
शुभ कर्म करके पुण्य का जीवन बीज वोह लो,
सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

जीवन का इक इक पल अनमोल है खजाना,
इनमे से इक पल भी नहीं लौट के है आना,
आनत रस से अपना अंताहरण भी घोलो,
सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

गुरु की ये निशानी मीठी सी उसकी वाणी,
मीठे से बोल मेरे गुरु की झलक सुहानी,
बोलो तो मीठे बोले अमृत हिर्दय में घोलो,
सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

बीती का गम तू ना कर वो मिट गया अँधेरा,
खुलती यहाँ से आंखे होता वह सवेरा
मेरे घर गुरु पधारे अंतर् के नैन खोलो,
सांसों के तार तार मे गुरु नाम को पिरोलो

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली
पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा

संग्रह