श्री गुरु चरण में शीश जुकाती

श्री गुरु चरण में शीश जुकाती

श्री गुरु चरण में शीश जुकाती
अंतर मन में ज्योति जगाती
उस ज्योत में स्वर्स्वती गूंजे ब्रह्मा नन्द का सुख मैं पाती

हे गुरु रूप में महादेव शिव तुम ही कंठ में स्वर उपजाते
नील कंठ प्रभु दर्शन देकर जीवन गरल सभी पी जाते
मेरे स्वर में तुम्ही गाते बाबा मैं निम्त बन जाती
श्री गुरु चरण में शीश जुकाती

श्री वरदिना पंथ न सूजे सत का मार्ग कौन दिखाए
पग पग दुखो के सर्प है खेरे मनवा भय नही हो पाए
सर्प सभी शिव कंठ सजा ले
निष् दिन मैं गुण गाती
श्री गुरु चरण में शीश जुकाती

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि
गुड़ी पड़वा

गुरूवार, 19 मार्च 2026

गुड़ी पड़वा
उगादी

गुरूवार, 19 मार्च 2026

उगादी
चेटी चंड

शुक्रवार, 20 मार्च 2026

चेटी चंड
राम नवमी

गुरूवार, 26 मार्च 2026

राम नवमी

संग्रह