आजु मैं गाई चरावन जैहों

आजु मैं गाई चरावन जैहों
बृंदाबन के भाँति भाँति फल, अपने कर मैं खैहौं।
ऎसी बात कहौ जनि बारे, देखौ अपनी भांति।
तनक तनक पग चलिहौ कैसें, आवत ह्वै है राति।
प्रात जात गैया लै चारन, घर आवत है साँझ।
तुम्हारौ कमल बदन कुम्हलैहै, रेंगत घामहिं माँझ।
तेरी सौं मोहि घाम न लागत, भूख नहीं कछु नेक।
सूरदास प्रभु कहयौ न मानत, परयौ आपनी टेक॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

मोहिनी एकादशी

सोमवार, 27 अप्रैल 2026

मोहिनी एकादशी
वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा

संग्रह