अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए

अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए

श्याम गोकुल को छोड़ मथुरा न जाइये,
अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए,
गोपी ग्वालो को ऐसे न विसराइये,
अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए…

रोये यमुना के तट हुआ सुना पनघट,
गइयाँ व्याकुल खड़ी आई कैसी घडी,
किये वादा जो था श्याम वो निभाइये,
अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए…

कैसे रह पाए गई मात यशोदा यहाँ,
प्राण तझ देंगी रो रो के सखियाँ यहाँ,
सांस बन कर के इस तन में बस जाइये,
अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए…

रास होगा न मधुवन में कान्हा कभी,
गिरी चरणों में बंधन करते सभी,
प्रेम की बांसुरी फिर से बजाइये,
अपनी राधा को ऐसे न तड़पाइए…

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी

संग्रह