चलो चलो री सखी सत्संग मिलेंगे वहां बनवारी

चलो चलो री सखी सत्संग मिलेंगे वहां बनवारी……

ब्रह्मा विष्णु और लक्ष्मी आई संग,
वीणा बजाते नारद आए ऐसा भयो है सत्संग,
मिलेंगे वहां बनवारी…..

गणपत आए कार्तिक आए रिद्धि सिद्धि संग,
डमरु बजाते भोले आए ऐसा भयो है सत्संग,
मिलेंगे वहां बनवारी….

रामा आए लक्ष्मण और सीता संग,
गदा घुमाते हनुमत आए ऐसा भयो है सत्संग,
मिलेंगे वहां बनवारी……

चंदा आए सूरज आए किरणे आई संग,
नभ लख तारे दौड़ी आए ऐसो भयो है सत्संग,
मिलेंगे वहां बनवारी……

गंगा आई जमुना आइ सरयु आई संग,
तीन धार त्रिवेणी आई एसो भयो है सत्संग,
मिलेंगे वहां बनवारी…..

दाऊ आए सुदामा आए ग्वाला आए संग,
मुरली बजाते कान्हा आए ऐसो भयो है सत्संग,
मिलेंगे वहां बनवारी……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी

संग्रह