(तर्ज़ – जिप्सी)

मेला बनभौरी वाली माँ का हो रहया सै आवण नै,
मेरा भी जी कर रहया सै माँ के दर्शन पावण नै,
आज सारी दुनिया हो रही दीवानी जिसकी,
जयकारे लाते चालै भरकै ठाड़ी जिप्सी….

बनभौरी मै जाकै दर पै शीश झुकावेंगे,
जै मैया रानी खुश हो जा भण्डारा लावेंगे,
वारे न्यारे हो जावै किस्मत लिखदे जिसकी,
जयकारे लाते चालै भरकै ठाड़ी जिप्सी….

ज्योत यो अखण्ड जगै घर जिसके,
सोते हुए भाग माँ जगावै उसके,
बनते सारे बिगड़े काम चाहे कितने रिस्की,
जयकारे लाते चालै भरकै ठाड़ी जिप्सी….

बनभौरी वाली माँ का दुनिया भरती है पाणी,
जो भी पूजै कुलदेवी नै होवै ना हाणी,
वो ना कदे घबरावै मैया साथी जिसकी,
जयकारे लाते चालै भरकै ठाड़ी जिप्सी….

गुरु मुरारी लाल नै तो कहदी सै वाणी,
बनभौरी वाली माँ की शक्ति प्रिंस नै जाणी,
जय भगवान सी कविताई है ना सबके बसकी,
जयकारे लाते चालै भरकै ठाड़ी जिप्सी….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

परिवर्तिनी एकादशी

मंगलवार, 22 सितम्बर 2026

परिवर्तिनी एकादशी
अनंत चतुर्दशी

शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026

अनंत चतुर्दशी
भाद्रपद पूर्णिमा

शनिवार, 26 सितम्बर 2026

भाद्रपद पूर्णिमा
इंदिरा एकादशी

मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026

इंदिरा एकादशी
घटस्थापना पूजा

रविवार, 11 अक्टूबर 2026

घटस्थापना पूजा
दशहरा

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

दशहरा

संग्रह