तेरे दर को मैं छोड़ कहाँ जाऊँ माँ

तेरे दर को मैं छोड़ कहाँ जाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार ना दिखे ||

(चाहे छुट जाये ज़माना,या मालो -जर छूटे,
ये महल और अटारी,या मेरा घर छूटे,
पर कहता है ये लख्खा,ऐ मेरी माता,
सब जगत छूटे,पर तेरा न द्वार छूटे)

तेरे दर को मैं छोड़ कहाँ जाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार ना दिखे,
अपना दुखडा मैं किसको सुनाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार न दिखे ||

इक आस मुझे तुमसे है मैया,
टूटे कहीं ना विश्वास मेरा मैया |
तेरे सिवा कहाँ झोली फैलाऊँ ,
माँ दूजा कोई द्वार न दिखे ||

तेरे आगे मैंने दामन पसारा है,
मुझको ए मैया तेरा ही सहारा है ||
कहाँ जाऊँ जहाँ जाके कुछ पाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार न दिखे ||

लख्खा आया मैया बन के सवाली है,
तेरे दर से गया ना कोई खाली है |
केसे गीत मै निराश होके गाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार न दिखे ||

तेरे दर को मैं छोड़ कहाँ जाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार ना दिखे,
अपना दुखडा मैं किसको सुनाऊँ,
माँ दूजा कोई द्वार न दिखे ||

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली
पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि

संग्रह