प्रेयसी दो अंतिम बार विदा
आज सेवक तेरा ये रण में चला,प्रेयसी दो अंतिम बार विदा,यह सेवक ऋणी तुम्हारा है,तुम भी जानो, मैं भी जानूं,यह अंतिम मिलन हमारा है,मैं मातृ चरण से दूर चला,इसका दारुण संताप मुझे,पर यदि कर्तव्य विमुख...
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आज सेवक तेरा ये रण में चला,प्रेयसी दो अंतिम बार विदा,यह सेवक ऋणी तुम्हारा है,तुम भी जानो, मैं भी जानूं,यह अंतिम मिलन हमारा है,मैं मातृ चरण से दूर चला,इसका दारुण संताप मुझे,पर यदि कर्तव्य विमुख...
राम राम राम नाम सत्य है,राम राम राम नाम सत्य है,राम राम राम नाम सत्य है,राम राम राम नाम सत्य है….. गंगा किनारे जाणा,गंगा किनारे जाणा || राम राम राम नाम सत्य है,राम राम राम...
राम का नाम दवाई है मेरे सतगुरु ने बताई है….. पी गए हनुमान बलशाली,तागत आ गई उनमें भारी,सीना फार दिखाई है मेरे सतगुरु ने बताई है…. पी गए नरसी भगत मुस्काके,भात भर दिया पल भर...
राम सिया राम सिया राम सिया राम,बोलो राम सिया राम सिया राम,राम सिया राम सिया राम सिया राम,बोलो राम सिया राम सिया राम….. मेरे मन मंदिर में जबसे सीता राम पधारे,मेरे मन मंदिर में जबसे...
ग्यारस व्रत बड़ो फलदाई रामा,कर लेओ व्रत बढ़ो सुखदाई रामा,ग्यारस व्रत बड़ों फलदाई राम……. जिस घर में धर्म नहीं सुख सैयम रामा,उसे घर कैसे आएंगे मुरारी आवेगे गिरधारी,आएंगे बनवारी,ग्यारस व्रत बड़ो सुखदाई रामा…… जिस धर्म...
हे मनवा रे मनवा,जीवन है संग्राम,हे मनवा रे मनवा,जीवन है संग्राम,भजले राम राम राम,भजले राम राम राम,भजले राम राम राम,भजले राम राम राम,रे मनवा रे मनवा,जीवन है संग्राम………. लोक यही परलोक यही है,यही धारा ओर...
धुन- मेरे घर के आगे साईं नाथ हे कौशल नंदन राम, तेरा मंदिर मिल जाए llजब द्वार तेरे आऊँ, तेरा दर्शन मिल जाए* llहे कौशल,,, जय हो lll नंदन राम,,,,,,,,,,,,,,,,,,^हर शाम सवेरे मैं, तेरे मंदिर...
म्हारी झुपड़िया आवो मारा राम,मन रो मोरलीयो रटे थारो नाम,मारी झूपडीया आवो मारा राम,एक बार आया पूरो होवे सब काम,मारी झूपडीया आवो मारा राम….. सूरज उगे रे मारी उगती रे आशा,संध्या ढले ने माने मिलती...
तर्ज – क्या मिलिए ऐसे लोगो से आओ बसाये मन मंदिर में,झांकी सीताराम की,जिसके मन में राम नहीं वो,काया है किस काम की…… गौतम नारी अहिल्या तारी,श्राप मिला अति भारी था,शिला रूप से मुक्ति पाई,चरण...
( मूर्छित हुए जब लखनलाल रण में,लगी चोट रघुवर के तब ऐसी मन में,रोके सुग्रीव से बोले जाओ,अभी बंद फ़ौरन लड़ाई कराओ॥ ) बिना लक्ष्मण के है जग सूना सूना,मुझे और जीने की चाहत नहीं...
( तुलसी ममता राम सो, समता सब संसार,राग नरोश न दोष दुख , दास भये भवपार॥ ) शिव भी जिनका नाम पुकारे,उनका सुमिरन पार उतारे,वो है रामजी, हमारे रामजी,वो है रामजी, हमारे रामजी…… निर्बल का...
राम दिया बनवास महल को छोड़के जाती हूं…. यह लो री सासुल कपड़े अपने,इनको रखना संभाल चुनरिया ओढ़े जाती हूं,राम दिया बनवास महल को छोड़के जाती हूं…. यह लो री ससुर गहने अपने,इनको रखना संभाल...