हिंदी भजन लिरिक्स के साथ भक्ति में डूबें! सभी देवी-देवताओं के मधुर भजन, आरती और स्तुतियाँ BhaktiRas.in पर। आत्मिक शांति पाएं।

हरे शिव शंकर कष्ट सारे

हरे शिव शंकर कष्ट सारे

हरे शिव शंकर कष्ट सारे,चला आ शिव की,चला आ शिव की तू शरण में,काम सब बिगड़े वो सँवारे,हरे शिव शंकर कष्ट सारें,हरे शिव शंकर कष्ट सारे…… हरे शिव शंकर कष्ट सारें,हरे शिव शंकर कष्ट सारें,है...

धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ

धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ

धोली छतरिया में बैठया री भोलानाथ,पेड्या पे गोरा पार्वती,पार्वती रे गोरा पार्वती,पार्वती रे गोरा पार्वती,धोली छतरिया मे बैठया भोलानाथ,पेड्या पे गोरा पार्वती…… स्यालो लाया री भोला नाथ,ओडेगी गोरा पार्वती,पार्वती रे गोरा पार्वती,पार्वती रे गोरा पार्वती,धोली...

लिखने वाले लिख लिख हारे शिव की अमर कहानी

लिखने वाले लिख लिख हारे शिव की अमर कहानी

तर्ज – लिखने वाले ने लिख डाले लिखने वाले लिख लिख हारे,शिव की अमर कहानी,रीझे तो सुर असुर ना देखे,ऐसे औघड़ दानी, सदाशिव,रीझे तो सुर असुर ना देखे,ऐसे औघड़ दानी,सच कहते है अधिक ही भोले,सच...

हो गई मेरी बल्ले बल्ले नोटो से भर गए गल्ले

हो गई मेरी बल्ले बल्ले नोटो से भर गए गल्ले

हो गई मेरी बल्ले बल्ले,नोटो से भर गए गल्ले,कुछ दिन में सिर उतरा कर्जा का बोझ ये,एक लोटा एक लोटा,एक लोटा गंगा जल से आ गई मेरी मौज रे….. मेरे होंठों पे आया जब से...

जो नाथो का है नाथ भोलेनाथ जी

जो नाथो का है नाथ भोलेनाथ जी

( ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्,उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ ) गले में जिसके नाग,सर पे गंगे का निवास,जो नाथो का है नाथ,भोलेनाथ जी….. करता पापो का विनाश ,कैलाश पे निवास,डमरू वाला वो सन्यास,भोलेनाथ जी….. मोह माया...

भोले की सवारी देखो आई रे

भोले की सवारी देखो आई रे

बाबा की सवारी देखो आई रे,भोले की सवारी देखो आई रे,भक्तो में मस्ती देखो छाई रे,बाबा की सवारी देखो आई रे….. दूर दूर से यात्री आवे,अर्जी अपनी लगावे,अर्जी अपनी लगाकर वो तो,मन चाहा फल पावे,भोले...

भोले शंकर को जल चढ़ाएंगे

भोले शंकर को जल चढ़ाएंगे

तर्ज – यारो सब दुआ करो भोले के दर चलो,लेके कांवड़ चलो,कलशे छोटे बड़े,गंगा में भर चलो,भोले शंकर को जल चढ़ाएंगे…… चल रे कांवड़िया बढ़ाये जा कदम,होने नहीं पाए रफ़्तार तेरी कम,घुंघरू कांवड़ियों के बोले...

फिर से सावन की रुत आई

फिर से सावन की रुत आई

तर्ज – ये गलियां ये चौबारा फिर से सावन की रुत आई,मौका चूक ना जाना भाई,दरबार में भोले शंकर के,गंगा जल भरके चलो,बम बम रटते चलो….. वो ही कांवर उठाकर आते,मेरे भोले जिसको बुलाते,शिव शंकर...

मानो तो वो शिव शंकर है

मानो तो वो शिव शंकर है

तर्ज – मानो तो मैं गंगा माँ हूँ मानो तो वो शिव शंकर है,ना मानो तो पथ्थर प्राणी,विश्वास है जिनके मन में,मिलते है उसे शिव दानी,मानो तो वो शिव शंकर है,ना मानो तो पत्थर प्राणी….....

ओ डमरू वाले जीवन है तेरे हवाले

ओ डमरू वाले जीवन है तेरे हवाले

ओ डमरू वाले,जीवन है तेरे हवाले,मैं पापी हो जाऊँ पावन,चरणों में जो बिठा ले,ओ डमरू वाले,जीवन है तेरे हवाले…… दुनिया का सुख पाकर फुला,नाम तुम्हारा मन से भुला,दिन दुखी का दुःख ना जाना,गाता रहा खुशियो...

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह