एह लिबड़ेया सीबड़ेया जोगी,
एह लिबड़ेया सीबड़ेया जोगी,
नी गौरा तेरा की लगदा,
नी तू जीहदे जोगी होई,
जीहदे लई साधनी हो गई,
ना जीहदे बिना जी लगदा,
एह लिबड़ेया सीबड़ेया जोगी……

तू कैसा लाड़ा चुनया नी,
जो भुता दे संग रेहँदा,
भंगा पींदा चिलमा लाउँदा,
हर कोई एहो केहंदा,
की लगदा ओहदे विच सोहना,
सप बिछुए जिहदा खिडोना,
फकीरा दा फ़कीर लगदा,
एह लिबड़ेया सीबड़ेया जोगी……

ओ कुल दुनिया दे भूत प्रेत ने,
शिव दे ख़ास बाराती,
हो शुक्र शनिचर ने खा खा,
हलवाईया दी होश भुला ती,
नी ओ डमरू बजाउँदा आवे,
ते सब नू नाल नचावे,
होर कोई लब चज दा,
एह लिबड़ेया सीबड़ेया जोगी……

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