तू शिव शिव जपले रे प्राणी

तू शिव शिव जपले रे प्राणी

शिव का नाम बड़ा है प्यारा,
भोला भक्तो का है सहारा,
तू शिव शिव जपले रे प्राणी,
सदाशिव करेंगे बेड़ा पार…

गंगाधर वो है कैलाशी,
बाघम्बर धारी अविनाशी,
डमरू बजाए शमशान वासी,
भर भर पिये वो भंग का प्याला,
शंकर रहे सदा मतवाला,
तू शिव शिव जपलें रे प्राणी,
सदाशिव करेंगे बेड़ा पार…

गले में शेषनाग है सोहे,
पार्वती शिव का मन मोहे,
छवि देख मन में सुख होवै,
प्यारा निलकण्ठ का द्वारा,
कष्टो का करदे निस्तारा,
तू शिव शिव जपलें रे प्राणी,
सदाशिव करेंगे बेड़ा पार…

लोटा जल का शिव को चढ़ा दे,
आनन्द सारे दुखड़े सुना दे,
शम्भु हर संकट को मिटा दे,
डम डम डमरू बजे जब प्यारा,
शिव के भक्त करे जयकारा,
तू शिव शिव जपलें रे प्राणी,
सदाशिव करेंगे बेड़ा पार…

शिव का नाम बड़ा है प्यारा,
भोला भक्तो का है सहारा,
तू शिव शिव जपले रे प्राणी,
सदाशिव करेंगे बेड़ा पार…

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