तर्ज – लेके पहला पहला प्यार

यहाँ वहा मत डोल, प्राणी हरि हरि बोल,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे……

सुख वाली उजियाली, सुबह मिलेगी,
दुःख वाली अंधियारी, रात टलेगी,
गम के हट जाए बादल,
खुशियां पाएगा हर पल,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे,
यहाँ वहा मत डोल, प्राणी हरि हरि बोल,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे………..

हर लेंगे हरि तेरा, हर एक संकट,
सुबह शाम दिन रात,
हरि नाम तू रट,
केवल दो अक्षर का नाम,
तेरा कर देगा हर एक काम,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे,
यहाँ वहा मत डोल, प्राणी हरि हरि बोल,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे………..

करले भजन प्राणी,
हो के मगन तू, अपने सुधार ले,
सारे जनम तू,
सच्चा रख इनसे तू प्यार,
तुझको कर देंगे भव पार,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे,
यहाँ वहा मत डोल, प्राणी हरि हरि बोल,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे………..

भजले नाम हरि का,
सारी ही सृष्टि जपती, नाम हरि का,
सारी सृष्टि के आधार,
ये है जग के पालनहार,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे,
यहाँ वहा मत डोल, प्राणी हरि हरि बोल,
कर हरि सुमिरन, हरि मिल जाएंगे………..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी
अजा एकादशी

सोमवार, 07 सितम्बर 2026

अजा एकादशी
हरतालिका तीज

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

हरतालिका तीज
गणेश चतुर्थी

सोमवार, 14 सितम्बर 2026

गणेश चतुर्थी
परिवर्तिनी एकादशी

मंगलवार, 22 सितम्बर 2026

परिवर्तिनी एकादशी
अनंत चतुर्दशी

शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026

अनंत चतुर्दशी

संग्रह