माँ तू ही सबकी पालनहार ,
माँ तू ही सबका करती उधार ,
आदि भवानी माँ तेरी जय हो मैया। -2

जल थल और नभ में ,जीव जंतु है तूने बनाये ,
रचना कर गजब की ,कई लोक हैं तूने बसाये ,
चाँद सूरज सितारों में,तेरी ही नूरानी माँ।
तेरी जय हो मैया।आदि…..

वन पहाड़ नदियां ,फल फूल ये बाग़ बगीचे ,
खेत खनिज ये मौसम ,क्या नजारे हैं तूने ये सींचे ,
कुदरत का हर जलवा ,तेरी कहानी माँ।
तेरी जय हो मैया।आदि…..

दो दो ही जोड़े ,हर चीज के तूने जड़े हैं ,
माँ माया से हटकर ,तूने कौतुक अजब ही करे हैं ,
माँ के ‘‘मधुप’’ रूप गुण धाम ,लीला लसानी है।
तेरी जय हो मैया।आदि…..
आदि भवानी माँ तेरी जय हो मैया।-2

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

धनतेरस

शुक्रवार, 06 नवम्बर 2026

धनतेरस
दीपावली

रविवार, 08 नवम्बर 2026

दीपावली
गोवर्धन पूजा

मंगलवार, 10 नवम्बर 2026

गोवर्धन पूजा
भाई दूज

बुधवार, 11 नवम्बर 2026

भाई दूज

संग्रह