आओ गौरी के लाल पधारो,
मंगल कारज की बेला है,
मंगल कारज की बेला है,
आपके ध्यान की बेला है,
आओ सिद्धि विनायक पधारो,
भक्तों का लगा आज मेला है,
आओ गौरी के लाल पधारो,
मंगल कारज की बेला है।

सबसे पहले ध्यान तुम्हारा,
धर्म कर्म में होता है,
श्रद्धा से जो करे वंदना,
हर कारज सिद्ध होता है,
अब हम पर भी…थोड़ी दया कर दो,
विघ्नो ने आकर घेरा है,
आओ गौरी के लाल पधारो,
मंगल कारज की बेला है।

सबके बिगड़े काज संवारो,
अन्न धन के भण्डार भरो,
आये शरण में प्रभु तुम्हारी,
हम सबका उद्धार करो,
भक्तों के भाग्य विधाता,
तूने अजब रचाई लीला है,
आओ गौरी के लाल पधारो,
मंगल कारज की बेला है।

गज मुझ सुन्दर रुप है,
अद्भुत महिमा तेरी भारी है,
सबका किया कल्याण ओ बाप्पा,
आज हमारी बारी है,
प्रभु साथ निभाओ आकर के,
तेरा आनंद कबसे अकेला है,
आओ गौरी के लाल पधारो,
मंगल कारज की बेला है,
मंगल कारज की बेला है,
आपके ध्यान की बेला है,
आओ सिद्धि विनायक पधारो,
भक्तों का लगा आज मेला है,
आओ गौरी के लाल पधारो,
मंगल कारज की बेला है।

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