आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,
संग तुम्हारे रहे लक्ष्मी पिता है डमरू वाला रे
आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

सीधी विनायक तुम हो देवा सब विगनो को दूर करे
सब से पेहले पूजे आप को अन धन से भरपूर करो
जिस पर दृष्टि दया की डाली घर कंचन कर डाला रे
आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

शुभ और लाब के मालिक हो तुम
देवो के महाराजा हो
रंक को राजा पल में करते राजायो के राजा हो
पल पल गिरी पुकारे तुम को पी ये प्रेम का प्याला रे
आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

कब से अँखियाँ तरस रही है दर्शन तेरे कर ने को
अब तो आ जा गनपत राजा भगतो के दुःख हरने को
जब जब भीड़ पड़ी भगतो पे तुमने संकट काटा रे
आओं गोरा के लाला मेरे घर में करो उजाला,

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