बजाओ रे बाजा बजाओ बाजा जीत गये जीत गये देखो घनराजा

बजाओ रे बाजा बजाओ बाजा जीत गये जीत गये देखो घनराजा,
गजब हो गा राजा,जीत गये देखो घनराजा,

दोनों भाइयो में देखो होड़ लगी है
मैं बड़ा हु मैं बड़ा हु बात चली है
चलो चलो चलते है केलाश पर हम
बैठे याहा पर जग के महाराजा
बजाओ रे बाजा …….

अपनी अपनी दोने ने सुनाई कहानी
सुने गोरा मैया सुने ओगड़दानी
तीन लोक की दोड देखो लगा कर पेहले जो आये कहलायेगा राजा
बजाओ रे बाजा …….

दोड पूरी कर आये फिर होगी अन बन
पूछा पहले तुम कैसे आये घ्जानंद ,
तीन लोक जब मेरे समाने खड़े है
मन बोला इनके हो चक्कर लगा जा
बजाओ रे बाजा जीत जीत गये देखो घनराजा

अरे चकित हो गये देवता भोले भवानी
बात घनराजा की सब ने है मानी
देखो बन गए सरताज भुधि के दाता अजाज़ कहे जय जय हो तेरी घनराजा,
बजाओ रे बाजा …….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह