मैं तो लाई हूँ मोदक भर थाल रे

मैं तो लाई हूँ मोदक भर थाल रे

मैं तो लाई हूँ मोदक भर थाल रे,
स्वीकार करो गणराज जी,
नमो नमो गणराज जी, नमो नमो महाराज जी…

माथे तिलक सिंदूर विराजे गल मोतियन का हार है,
सब के संकट हरने वाले महिमा तेरी अपार है,
मैं तो लाइ हु मोदक भर थाल रे…

तीन लोक के स्वामी हो तुम तुम्हारा पावन धाम है,
कहते है मात पिता की सेवा में ही आठो याम है,
मैं तो लाइ हु मोदक भर थाल रे…

लाल भाग के ओ गणराजा देवो के सरताज हो,
तुमरे जाप से आये न वादा पुराण करते काज हो,
मैं तो लाइ हु मोदक भर थाल रे…

निर्बल को बल निर्धन को धन देने वाले नाथ हो,
सिर पे तेरा हाथ रहे और हर पल तेरा साथ हो,
मैं तो लाइ हु मोदक भर थाल रे…

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी
गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा

संग्रह