गुरु जी दरस बिन जियरा मोरा तरसे

गुरु जी दरस बिन जियरा मोरा तरसे

गुरुजी दरस बिन जिया मोरा तरसे,
गुरु जी मेरे नैनन में जल बरसे ,
गुरु जी दरस बिन जियरा मोरा तरसे,

मैं पापन अब उनकी दासी,
कैसे करें प्रभु निज की दासी,
काया कपत है तेरे डर से,, हो
गुरुजी दरस बिन जियरा मोरा तरसे,,,,

पतित उदाहरण नाम तुम्हारा,
दीजे गुरु जी मुझको सहारा,
देखो दया और प्रेम नजर से,,,हो
गुरुजी दरस बिन जियरा मोरा तरसे,,,,

तुम बिन और न पालक मेरा,
ब्रह्मानंद भरोसा तेरा,
(हाय कैसे कटे उमरिया मोरी,आस ही आस में बीती जाए,,,
हमरे नैन दरस बिन तरसे,बालम तुझ बिन कछु ना सुहाय,,,
तेरी प्रीत के कारण हाय,मोसे रूठे अपने पराए,,,
सब जग रूठे तुम ना रूठो, रुठो तो गजब हुए जाए,,,)
तुम बिन और न पालक मेरा,
ब्रह्मानंद भरोसा तेरा,
विनती करत हूं तेरे दर पे,,, हो
गुरुजी दरस बिन जियारा मोरा तरसे,,,

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

दशहरा

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

दशहरा
पापांकुशा एकादशी

गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026

पापांकुशा एकादशी
अश्विन पूर्णिमा

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

अश्विन पूर्णिमा
करवा चौथ

गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

करवा चौथ
धनतेरस

शुक्रवार, 06 नवम्बर 2026

धनतेरस

संग्रह