गुरूजी की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है

गुरूजी की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है,
मेरे घर आओ गुरूदेव मैंने आप को बुलाया है….

गुरु मेरे ब्रम्हा है गुरु मेरे विष्णु है,
गुरु मेरे शिव भोले जिसने जगत रचाया है,
गुरूजी की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है…..

गुरु मेरी गंगा है गुरु मेरी जमुना है,
गुरु मेरी त्रिवेणी जिसने जगत नवाया है,
गुरूजी की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है….

गुरु मेरे चंदा है गुरु मेंरे तारा है,
गुरु मेरे सूरज किरन जिससे जगत उजियारा है,
गुरूजी की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है…..

गुरु मेरे माता पिता गुरु मेरे बंधू सखा,
गुरु मेरे सतगुरु है जिसने ज्ञान बताया है,
गुरूजी की कुटिया को मैंने फूलो से सजाया है,
मेरे घर आओ गुरूदेव मैंने आप को बुलाया है…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह