सतगुरु ने चादर धोई रे सिंगाजी

सतगुरु ने चादर धोई रे, सतगुरु ने चादर धोई रे,
जेको भेद नी जान्यो कोई रे, सतगुरु ने चादर धोई रे…..

बिना सोडो और बिना साबुन से,
जेने बिना नीर से धोई रे, सतगुरु ने चादर…..

ढाई बरष की झोट कुंवारी,
जेने बिना ब्याही खे दुही रे, सतगुरु ने चादर…..

बिना दीपक और बिना दिवला से,
जेने जोत में जोत जलाई रे, सतगुरु ने चादर…..

कहे जन दल्लू सुनो रे भाई साधु,
गुरु ने धरम धजा लहराई रे, सतगुरु ने चादर……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

मोहिनी एकादशी

सोमवार, 27 अप्रैल 2026

मोहिनी एकादशी
वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा

संग्रह