तर्ज – रंग बरसे भीगे

रंग बरसे नाचे,
कृष्ण मुरारी रंग बरसे,
रंग बरसे नाचें,
राधा प्यारी रंग बरसे……..

टेढ़ो सा है मेरो बांके बिहारी,
है तीखी कटारी वृंदावन बिहारी,
मारे ज़ोर से पिचकारी,
मुरारी रंग बरसे,
रंग बरसे नाचें,
कृष्ण मुरारी रंग बरसे…….

सांवलो है लाला और गोरी है लाली,
हाथों में दोनो के रंगो की थाली,
दोनो हुए पुरे लाल,
जो उड़ा गुलाल रंग बरसे,
रंग बरसे नाचें,
कृष्ण मुरारी रंग बरसे…….

छाती फुलाए पहुँचे बरसाने,
पहुँचे बरसाने राधा को सताने,
लठ्ठ की मार ख़ाके भागे,
मुरारी रंग बरसे,
रंग बरसे नाचें,
कृष्ण मुरारी रंग बरसे……

नन्हे कान्हा ने गोवर्धन उठाया,
इंद्र की वर्षा से ब्रज को बचाया,
और होली पे सबको भीगाए,
लीला कैसी दिखाए रंग बरसे,
रंग बरसे नाचें,
कृष्ण मुरारी रंग बरसे……

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