मनिहारी का भेष बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया

मनिहारी का भेष बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया

मनिहारी का भेष बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया,
छलिया का भेष बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया !!


झोली कंधे धरी इसमें चूड़ी भरी,
गलियों में शोर मचाया श्याम चूड़ी-बेचने आया !!


राधा ने सुनी ललिता से कही,
मोहन को तुरत बुलाया श्याम चूड़ी-बेचने आया !!


चूड़ी लाल नहीं पहनु चूड़ी हरी नहीं पहनु,
मुझे श्याम रंग है भाया श्याम चूड़ी-बेचने आया !!


राधा पहनन लगी श्याम पहनने लगे,
राधा ने हाथ बढाया श्याम चूड़ी-बेचने आया !!


राधा कहने लगी तुम हो छलिया बड़े,
धीरे से हाथ दबाया श्याम चूड़ी-बेचने आया !!


मनिहारी का भेष बनाया श्याम चूड़ी बेचने आया,
छलिया का भेष बनाया श्याम चूड़ी-बेचने आया !!

Author: Unknown Claim credit

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