जली है ज्योत ज्वाला की नजारा हम भी देखेंगे,
नजारा हम भी देखेंगे नजारा तुम भी देखोगे,
जली है ज्योत ज्वाला की…..

तेरा दरबार है सुना, भगत मजबूर है इतना,
यह विपदा तुम मिटाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,
जली है ज्योत ज्वाला की…..

तेरी यह ज्योत से ज्वाला नूर इतना बरसता है,
दुख सबके मिटाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,
जली है ज्योत ज्वाला की…..

देश संकट में मैया जी, छाई है घोर अंधियारी,
उजाला तुम दिखाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,
जली है ज्योत ज्वाला की…..

तुम अपने तेज से मैया, रोग जग का मिटाओगी,
जगत में खुशियां लाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,
जली है ज्योत ज्वाला की…..

जयकारों की गूंज से मां देश में दौड़ी आओगी,
दरस हमको दिखाओगी, नजारा हम भी देखेंगे,
जली है ज्योत ज्वाला की…..

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

मंगला गौरी व्रत

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

मंगला गौरी व्रत
संकष्टी चतुर्थी

बुधवार, 24 जुलाई 2024

संकष्टी चतुर्थी
कामिका एकादशी

बुधवार, 31 जुलाई 2024

कामिका एकादशी
मासिक शिवरात्रि

शुक्रवार, 02 अगस्त 2024

मासिक शिवरात्रि
हरियाली तीज

बुधवार, 07 अगस्त 2024

हरियाली तीज
नाग पंचमी

शुक्रवार, 09 अगस्त 2024

नाग पंचमी

संग्रह