हर इक सुपना साकार हो गया,
लड़ लग माँ दे बेड़ा पार हो गया।

साडे उत्ते दातिए तू कर्म कमाया ए,
हर सुख दुनिया दा झोली विच पाया ए,
ऐसा माये तेरा उपकार हो गया,
लड़ लग माँ दे बेड़ा पार हो गया…..

मेहरा वाली मईया सानू सब कुझ दित्ता ए,
नाम तेरा दातिए नि मिश्री तो मीठा ए,
चरणा नाल तेरे सानू प्यार हो गया,
लड़ लग माँ दे बेड़ा पार हो गया…….

‘बक्शी पवन’ नू तू किता मालामाल माँ,
‘प्रेम’ तेरा प्यार पाके हो गया निहाल माँ,
‘भानु’ भी तेरा सेवादार हो गया,
लड़ लग माँ दे बेड़ा पार हो गया…….

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी
गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा

संग्रह