तेरा रूप बड़ा विकराल कालका

तेरा रूप बड़ा विकराल कालका डर लागे,
डर लागे मोहे डर लागे…

शीश पे तेरे मुकुट सोहे,
तेरे मुख में जीभा लाल,
कालका डर लागे…..

कानों में तेरे कुंडल सोहे,
तेरे गले मुंडन की माल,
कालका डर लागे…..

हाथों में तेरे चूड़ियां सोहे,
तेरे मुख में जीभा लाल,
कालका डर लागे…..

माथे पे तेरे टिका सोहे,
तेरे मुख में जीभा लाल,
कालका डर लागे…..

हाथ मैया तेरे चूड़ा सोहे,
तेरी मेहँदी करे कमाल,
कालका डर लागे…..

पाँव तेरे मैया पायल सोहे,
तू चले क्रोध की चाल,
कालका डर लागे…..

बागों में मैया फिरे अकेली,
तेरे खुल गए काले काले बाल,
कालका डर लागे…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

माघ पूर्णिमा

रविवार, 01 फरवरी 2026

माघ पूर्णिमा
विजया एकादशी

शुक्रवार, 13 फरवरी 2026

विजया एकादशी
आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली

संग्रह