जग के स्वामी को श्री राम कहते है

जग के स्वामी को श्री राम कहते है

जग के स्वामी को श्री राम कहते है,
संकट जो काटे उन्हें हनुमान कहते है।।

जब दुनिया वाले तुम्हे ठुकराए,
तो बालाजी का ही नाम बचाए,
जो कोई अपना तो ठोकर लगाए,
बजरंगी बाबा ही पार लगाए,
सच्चे मन से जो इनका ध्यान करते है,
संकट जो काटे उन्हें हनुमान कहते है।।

दुनिया के सारे काम इनके है वश में,
बजरंग जो चाहे हो जाए वो क्षण में,
अष्ट सिद्धि नवनिधि के है दाता,
बल बुद्धि विद्या और भाग्य विधाता,
वेदों के सारे ये ज्ञान कहते है,
संकट जो काटे उन्हें हनुमान कहते है।।

निर्धन को मेरे बाबा धनवान करते,
निर्बल को मेरे बाबा बलवान करते,
तन की पीड़ा सारे रोग मिटाते,
अटकी भवर में नैया पार लगाते,
इनके मन मंदिर में श्री राम रहते है,
संकट जो काटे उन्हें हनुमान कहते है।।

जग के स्वामी को श्री राम कहते है,
संकट जो काटे उन्हें हनुमान कहते है।।

Author: राकेश कला जी

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