जनक दुलारी के,
जानकी प्यारी के
मन में बसे श्री राम……

जब से देखा है राम को,
की जनक दुलारी के,
जानकी प्यारी के,
मन में बसे श्री राम……

मंदिर में जनक दुलारी,
जब गौरी पूजन आई |
सिया रानी की अखियां,
रघुनंदन से टकराई…..

मंदिर में जनक दुलारी,
जब गौरी पूजन आई,
देखती रह गई, रह गई,
सीता जी राम को,
की जनक दुलारी के,
जानकी प्यारी के,
मन में बसे श्री राम….

पूजी जगदंब भवानी,
वर मांगा आज निराला,
मुझे वर दो है वरदानी,
मैं पहनाऊं वरमाला….

पूजी जगदंब भवानी,
वर मांगा आज निराला,
मैंने तो वर चुन लिया चुन लिया,
वर अपना राम को,
की जनक दुलारी के,
जानकी प्यारी के,
मन में बसे श्री राम…..

जब धनुष राम ने तोड़ा,
सीता मन में हर्षाई,
शादी का पहने जोड़ा,
सखियों के संग आई….

जब धनुष राम ने तोड़ा,
सीता मन में हर्षाई,
जानकी पहना रही,
पहना रही वरमाला राम को,
की जनक दुलारी के,
जानकी प्यारी के,
मन में बसे श्री राम…..

जब से देखा है राम को,
जनक दुलारी के,
जानकी प्यारी के,
मन में बसे श्री राम…..

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

पापांकुशा एकादशी

गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026

पापांकुशा एकादशी
अश्विन पूर्णिमा

सोमवार, 26 अक्टूबर 2026

अश्विन पूर्णिमा
करवा चौथ

गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

करवा चौथ
धनतेरस

शुक्रवार, 06 नवम्बर 2026

धनतेरस

संग्रह