भोले बाबा हमारे मिलेंगे

प्रेम भक्ति से मिलकर पुकारो,
भोले बाबा हमारे मिलेंगे।
तन में भस्मी भभुति रमाये,
नाग गर्दन में धारे मिलेंगे।

वो हैं दाता जगत है भिखारी,
सब हैं उनके चरण के पुजारी,
उनकी चौखट पे ये दुनिया वाले,
अपनी झोली पसारे मिलेंगे।

उनको चाहिए न मिष्ठान मेवा,
ना वो चाहे किसी की भी सेवा,
उनको चाहे अगर कोई पाना,
भक्ति रस के सहारे मिलेंगे।

जिसने सच्चे है दिल से पुकारा,
उनको देते हैं भोले सहारा,
अपने भक्तों की नैय्या भंवर से,
‘लक्खा’ करते किनारे मिलेंगे।

राम के भेष में वो ही आए,
कृष्ण बनकर के लीला रचाये,
उनकी माया को ‘शर्मा’ क्या जाने,
वो कई रूप धारे मिलेंगे।

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी

संग्रह