सिर पे गंगा जी की धार

सिर पे गंगा जी की धार

सिर पे विराजे गंगा की धार,
कहते है उनको भोलेनाथ,
वही रखवाला है,
इस सारे जग का।
हाथो में त्रिशूल लिए है,
गले में है सर्पो की माला,
माथे पे चन्द्र सोहे अंगो पे,
विभूति लगाये,

भक्त खड़े जयकार करे,
दुखियो का सहारा है,
मेरा भोलेबाबा,
वही रखवाला है,
इस सारे जग का।
काशी में जाके विराजे देखो,
तीनो लोक के स्वामी,
अंगो पे विभूति रमाये,
देखो वो है औघड़दानी,
भक्त तेरा गुणगान करे,
दुखियो का सहारा है,
मेरा भोलेबाबा,
वही रखवाला है,
इस सारे जग का।।

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी
गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा

संग्रह