मन हरि हरि बोल ,
हरि नारायण तू बोल,
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥

छोड़ के सारे जग के बंधन,
नाम हरि का जप ले,
नाम हरि का जप ले,
हरि नाम की मिश्री अपने,
कानों में तू घोल,
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥

साथ नहीं जाएगी तेरे,
माया और ये काया,
माया और ये काया,
माया और काया के पीछे,
ऐसे तू मत डोल,
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥

केवल नाम यहीं सच्चा है,
झूठी दुनिया सारी,
झूठी दुनिया सारी,
झूठी दुनिया सारी है ये,
अब तो आखें खोल,
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥

अंत समय तक तेरे केवल,
काम यहीं आएगा,
काम यही आएगा
भव से पार उतर जाएगा,
नाम बड़ा अनमोल,
मन हरि हरि बोल,
हरि नारायण तू बोल॥

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

आमलकी एकादशी

शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

आमलकी एकादशी
होलिका दहन

मंगलवार, 03 मार्च 2026

होलिका दहन
फाल्गुन पूर्णिमा

मंगलवार, 03 मार्च 2026

फाल्गुन पूर्णिमा
होली

बुधवार, 04 मार्च 2026

होली
पापमोचनी एकादशी

रविवार, 15 मार्च 2026

पापमोचनी एकादशी
चैत्र नवरात्रि

गुरूवार, 19 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि

संग्रह