ब्राह्मड दी ज्योति स्वर्गा दे मोती

ब्राह्मड दी ज्योति स्वर्गा दे मोती,
तो वी नुरो नूरी शेरांवाली माई,
शेरां दे रथ ते चल के निकले,
पवन सरुपा बन आई मेरी माई,
ब्राह्मड दी ज्योति स्वर्गा दे मोती….

माँ दा रथ सोहणा माँ दी शान सोहणी,
माँ दे रथ दी पहचान सोहणी,
रथ दे पहियाँ दे विच है दिल मेरा,
वेखो मैं केड़े वेले फदे मेरी बाहीं,
ब्राह्मड दी ज्योति स्वर्गा दे मोती…….

माँ दे निकलेया नूरी नूर होया,
मेरे घर आई मेरी ज्योतांवाली माई,
माँ दा लड़ फड़ कदी ना छड्डो भक्तो,
माँ ते देंदी मुक्ति दी थांही,
ब्राह्मड दी ज्योति स्वर्गा दे मोती……

ब्रह्मा ते विष्णु भोला शकंर,
माँ दी आरती करन निरंतर,
सतां शेरां दियां फड़ लगामा,
हवा च उड़दी आई मेरी माई,
ब्राह्मड दी ज्योति स्वर्गा दे मोती……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी
गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा

संग्रह