गजानन पूरे कर दो काज

गजानन पूरे कर दो काज

गजानन पूरे कर दो काज,
शरण में आये हम भी आज,
शिव गौरा के राज दुलारे,
देवों के सरताज…

सबसे पहले शिव भोले ने करि तुम्हारी पूजा,
हम भी पहले तुम्हे मनाएं काम करें फिर दूजा,
लड्डुओं का तुम्हे भोग लगाएं आजाओ महाराज,
गजानन पूरे कर दो काज…

मूसे की तुम करो सवारी शोभा जग में न्यारी,
एक दन्त गज बदन तुम्हारा जाऊं मैं बलिहारी,
तीन लोक में राज तुम्हारा धरती या आकाश,
गजानन पूरे कर दो काज…

सात सुरों से आज सजाई हमने तेरी माला,
हमको चरणों में रख लेना सुनलो गौरी लाला,
तेरी किरपा से राणा की गूंजे ये आवाज़,
गजानन पूरे कर दो काज…

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी

संग्रह