अब हम गुरू गम आत्म चीना

अब हम गुरू गम आत्म चीना

अब हम गुरू गम आत्म चीना
आऊ ना जाऊं मरू नहीं जन्मू ऐसी ऐसी निश्चय कीना

भेख फकीरी सब कोई लेता ज्ञान फकीरी पंथ जीना
जिनके शब्द लगे सतगुरू का शीश काट धर दीना

फेर ना फिरता मांग ना खाता ऐसा निर्भय कीना
अजगर इधर- उधर नही डोले चून हरी लिख दीना

मरजीवा होए जगत में विसरू सवाल किया ना कीना
जिनकी कला शक्ल मे बरते वो साहब हम चीना

भेख लिया जब सुख- दुख त्यागा राम नाम रंग भीना
घट घट में साहेब का दर्शन दुरमती दूरी कीना

भक्ती रा नैन,ज्ञान का दर्पण,स्वी बैराग मिल तीना
धन सुखराम आतम मुख दरसे लखे संत प्रवीणा

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

वरुथिनी एकादशी

सोमवार, 13 अप्रैल 2026

वरुथिनी एकादशी
मोहिनी एकादशी

सोमवार, 27 अप्रैल 2026

मोहिनी एकादशी
वैशाखी पूर्णिमा

शुक्रवार, 01 मई 2026

वैशाखी पूर्णिमा
अपरा एकादशी

बुधवार, 13 मई 2026

अपरा एकादशी
शनि जयंती

शनिवार, 16 मई 2026

शनि जयंती
निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी

संग्रह