मेरी अखियाँ करें इंतज़ार साँवरे

मेरी अखियाँ करें इंतज़ार साँवरे

मेरी अखियाँ करें इन्तजार साँवरे,

पलकों का घर तयार साँवरे……

आँखों के अशुवन जल से तेरे चरण पखारू गा मैं,

पलकों की कंधी से तेरे बाल सवारू गा मैं,

मौका सेवा का दे एक बार साँवरे,

पलकों का घर तयार साँवरे……

पुतली के दरबाजे उपर पलकों का है पहरा,

प्रेम है निस्वार्थ है हमारा सागर सा है गहरा,

हम तेरे हुए तलब गार साँवरे,

पलकों का घर तयार साँवरे……

बड़े भाव से बड़े चाव से तेरा लाड करे गये,

जहा रखो गे कदम कन्हिया वाही पे हाथ रखे गये,

ख्वाइश पूरी करो एक बार साँवरे,

पलकों का घर तयार साँवरे……

महलो जैसे ठाट नही घर देखने तो आओ,

रहना ना चाहो कम से कम आजमाने तो आयो,

मोहित दिल से करे मनो हार साँवरे,

पलकों का घर तयार साँवरे……

Author: Kanhaiya Lal mittal

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