देखो जी जगन्नाथ की रथ यात्रा है आई

रथयात्रा

( रथयात्रा की कोटिन-कोटि बधाई)
जगन्नाथ जी की निकली सवारी

धुन- मुझे रास आ गया है तेरे दर पे सर झुकाना

देखो जी जगन्नाथ की, रथ यात्रा है आई।
सज-धज के बैठे रथ में, इक बहन अरू दो भाई।।
देखो जी………

सोने का रथ बना है, जड़े हीरे रत्न मोती।
दिव्य झांकी दिव्य शिंगार की, शोभा कही न जाई॥
देखो जी………

स्वागत को सज गई है, सारी पुरी नगरिया,
रंग रस बरस रहे है, महकी है पुरवाई॥
देखो जी………

रथ साथ संत भगत है, पीछे पीछे खुदाई।
रथ खींचे नाचे गावें, प्रभु को सब रिझावें,
हरिनाम की ‘‘मधुप हरि’’ गुंजार दे सुनाई॥
देखो जी………

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

निर्जला एकादशी

गुरूवार, 25 जून 2026

निर्जला एकादशी
ज्येष्ठ पूर्णिमा

सोमवार, 29 जून 2026

ज्येष्ठ पूर्णिमा
योगिनी एकादशी

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

योगिनी एकादशी
देवशयनी एकादशी

शनिवार, 25 जुलाई 2026

देवशयनी एकादशी
गुरु पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

बुधवार, 29 जुलाई 2026

आषाढ़ पूर्णिमा

संग्रह