तर्ज – चूड़ी मजा ना देगी कंगन मजा ना देगा

जब से लिया सहारा तेरा ओ मुरलीवाले,
दिल ना लगे हमारा,तबसे ओ मुरलीवाले…..

दाता दयालु तुमसा मिलता है अब कहाँ पे,
खुशियों से भरता झोली बिन मांगे ही यहाँ पे,
करता है तू करिश्मा दुनिया से भी निराले,
जब से लिया सहारा तेरा ओ मुरलीवाले……

लागी लगन है ऐसी, हर पल जो तड़पाये,
दीदार बिन हमारे दिल को ना चैन आये,
ये रोग है पुराना इस से हमें बचाले,
जब से लिया सहारा तेरा ओ मुरलीवाले……

हर चीज़ में मुझे दी बड़ी बरकतें ओ कान्हा,
दे दी जमाने भर की खुशियां मुझे ओ कान्हा,
तेरे प्यार का हूँ भूखा सुनले ओ मुरलीवाले,
जब से लिया सहारा तेरा ओ मुरलीवाले……

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