तर्ज – जिये तो जिये कैसे बिन आपके

मेरे साँवरे तेरे बिन जी ना लगे,
राह निहारे ये नयन, जी ना लगे….

तुम्ही मेरी प्रीत कान्हा, तुम्ही मेरे मीत हो,
तुम्ही मेरे दिल की सरगम, तुम्ही मेरे गीत हो,
जीवन की सांसें बनी हैं बावरिया,
आके सुनाजा इनको बाँसुरिया,
मेरे साँवरे तेरे बिन जी ना लगे…..

रूखा लगे, बिना तेरे अब तो श्याम ये जीवन,
हरपल तड़पता है दिल कब होगा ये मिलन,
दे दी सज़ा, कैसी मुझे,
चांद सितारे भी, फीके लगे,
मेरे साँवरे तेरे बिन जी ना लगे…..

एक वारि आजाओ तो हृदय में बिठाऊंगी,
भावना से तुझको अपनी रूह में बसाउंगी,
मेरा ये जीवन है बस तेरा,
समर्पित है तुझको सब कुछ मेरा,
मेरे साँवरे तेरे बिन जी ना लगे……

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