आया फागण का महीना कान्हा मुझसे मिलने आना,
तुम मुझसे मिलने आना, करना ना कोई बहाना ,
होली खेलेंगे दो साथ तू मुझसे मिलने आना…….

तेरे गालन रंग लगाऊं, तोहे चुनरी शीश उढ़ाऊँ,
तोहे नर से बनाऊ नार तू मुझसे मिलने आना,
तुम मुझसे मिलने आना, करना ना कोई बहाना,
होली खेलेंगे दो साथ तुम मुझसे मिलने आना…….

मैं बरसाने की छोरी, मत जाने मोहे भोरी,
तोहे नानी करा दू याद ,तू मुझसे मिलने आना,
तुम मुझसे मिलने आना, करना ना कोई बहाना,
होली खेलेंगे दो साथ तुम मुझसे मिलने आना…….

जो तूने करी बरजोरी दू लट्ठन पोरी पोरी,
सुन ओ आनंदी के प्यारे तू मुझसे मिलने आना,
तुम मुझसे मिलने आना, करना ना कोई बहाना,
होली खेलेंगे दो साथ तुम मुझसे मिलने आना……….

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