बोल पड़ी मंदिर की देवी क्यों मंदिर में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया रे।

मेरी कढ़ाई देसी घी की मा ने सूखी रोटी रे,
घर में मां का साझा कोन्या क्यों तेरी किस्मत फूटी रे,
नजर मिलाना छोड़ दिया तने नजर का टीका लाया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया,
बोल पड़ी मंदिर की देवी क्यों मंदिर में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया रे……

जगमग जगमग ज्योत जगावे मां के पास अंधेरा रे,
वह भी मां से मैं भी मा सू के तने ना बेरा रे,
अपनी मा ने तो दमड़ी ना देता मुझसे मांगने आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया,
बोल पड़ी मंदिर की देवी क्यों मंदिर में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया रे……

कड़वे कड़वे वचन बोलकर नरम कलेजा छोलया रे,
एक सुनू ना तेरी रे बेटा कौन से मुख से बोला रे,
मां ममता की मूरत होवे नहीं समझ में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया,
बोल पड़ी मंदिर की देवी क्यों मंदिर में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया रे……

सुन लो भक्तो मां की वाणी माता सभी के पास है,
जो भी मां की सेवा करता मिलता उसे सुख सात है,
तीर बाण की ठोकर लगी फेर समझ में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया,
बोल पड़ी मंदिर की देवी क्यों मंदिर में आया रे,
घर बैठी तेरी जननी माता क्यों ना भोग लगाया रे……

Author: Unknown Claim credit

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कामिका एकादशी

रविवार, 09 अगस्त 2026

कामिका एकादशी
पुत्रदा एकादशी

रविवार, 23 अगस्त 2026

पुत्रदा एकादशी
ओणम / थिरुवोणम

बुधवार, 26 अगस्त 2026

ओणम / थिरुवोणम
रक्षा बन्धन

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

रक्षा बन्धन
श्रावण पूर्णिमा

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026

श्रावण पूर्णिमा
कृष्ण जन्माष्टमी

शुक्रवार, 04 सितम्बर 2026

कृष्ण जन्माष्टमी

संग्रह