तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में…….

दरबार में हर रंग के दीवाने मिलेंगे,
आपस में बड़े प्यार से बेगाने मिलेंगे,
हर देश से पहुचेंगी दर्शन को निगाहे,
चारो तरफ ही माई के परवाने मिलेंगे,
तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में,
ये उम्र गुजर जाये मैयाजी की बस्ती में,
तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में…….

क्या जाने कोई क्या है मेरी माई का दरबारा,
सबसे बड़ा है जग में मेरी माई का दरबारा,
शहरे जड़े हुए है मायी की रहमतो के,
प्यारा सजा हुआ है मेरी माई का दरबारा,
भगतो की है कतारे माई के दर पे देखो,
दुल्हन सा लग रहा है मेरी माई का दरबारा,
तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में,
ये उम्र गुजर जाये मैयाजी की बस्ती में,
तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में…….

सबसे हसीन देखो मेरी माई का दरबारा,
रहमत का है भंडारा मेरी माई का दरबारा,
तारे करम से सबको मेरी माई का दरबारा,
ममता लुटा रहा है मेरी माई का दरबारा,
अमीर और गरीब सब माँ के दर पे है आते,
रहमत का है खजाना मेरी माई का दरबारा,
तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में,
ये उम्र गुजर जाये मैयाजी की बस्ती में,
तक़दीर मुझे ले चल मैयाजी की बस्ती में……

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