अंबे माँ…दुर्गे माँ…
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,
बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पर है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है…..

जगत की रुसवाईयों को दूर करने के लिए,
बाण गंगा की ये धारा माँ तेरे द्वारे पे है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा मां तेरे द्वारे पे है,
बेसहारों को सहारा मां तेरे द्वारे पे है…..

झांकियां तेरे भवन की कर रहे सब देव गण,
आ गया बैकुंठ सारा माँ तेरे द्वारे पे है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,
बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पे है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है……

अब कहां जाऊं मैं मैया, तेरे दर को छोड़कर,
मेरे जीवन का गुजारा, माँ तेरे द्वारे पर है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,
बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पे है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है……

मैं भला हूं या बुरा हूं पर तुम्हारा हूं सदा,
अब तो जीवन का किनारा माँ तेरे द्वारे पर है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है,
बेसहारों को सहारा माँ तेरे द्वारे पे है,
वैष्णवी अद्भुत नजारा माँ तेरे द्वारे पे है……

Comments

संबंधित लेख

आगामी उपवास और त्यौहार

कोकिला व्रत

रविवार, 21 जुलाई 2024

कोकिला व्रत
गुरु पूर्णिमा

रविवार, 21 जुलाई 2024

गुरु पूर्णिमा
आषाढ़ पूर्णिमा

रविवार, 21 जुलाई 2024

आषाढ़ पूर्णिमा
मंगला गौरी व्रत

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

मंगला गौरी व्रत
संकष्टी चतुर्थी

बुधवार, 24 जुलाई 2024

संकष्टी चतुर्थी
कामिका एकादशी

बुधवार, 31 जुलाई 2024

कामिका एकादशी

संग्रह