गगरिया फोड़ दी मेरी
( माँ यशोदा के पास गोपियाँ रोज़ ही शिकायत लेके आती,एक दिन एक गोपी आयी, और माँ यशोदा से कन्हैया की शिकायतें कुछ इस तरह करने लगी,की माँ तेरा ये शरारती ये नटखट, इस कान्हा...
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( माँ यशोदा के पास गोपियाँ रोज़ ही शिकायत लेके आती,एक दिन एक गोपी आयी, और माँ यशोदा से कन्हैया की शिकायतें कुछ इस तरह करने लगी,की माँ तेरा ये शरारती ये नटखट, इस कान्हा...
( काजलिया रे रेख ज्यू,थाने पतिया लिखू सजाय,आणो वेतो आईजा मोहन,मारो सावन बीतो ज्याय || ) सावन आयो आवो नंदलाल,नैना बरसे जियो मारो तरसे,मारा हाल हुआ बेहाल,सावन आयो आवो नंदलाल….. संग री सहेलिया मारी झूले...
मैं अपना किसे बनाऊं,तुझे देखने के बाद,मैं किस जगह पे जाऊं,तुझे देखने के बाद,मै अपना किसे बनाऊं,तुझे देखने के बाद….. तस्वीर श्यामा श्याम की,मेरे मन बसी सी है,मैं किस तरह भुलाउं,तुझे देखने के बाद,मै अपना...
चलो री सखी, चलो री सखी,चलो री सखी फागुन फाग मनाने,चलो री सखी फागुन फाग मनाने,नन्द गाँव गोकुल यमुना तट,निधिबन या बरसाने,चलो री सखी, चलो री सखी,चलो री सखी फागुन फाग मनाने…… कुञ्ज कुंज छाई...
तर्ज – मनिहारी का भेष बनाया सारे ब्रज में धूम मचाया,श्याम होली खेलने आया….. राधा कहने लगी श्याम छोड़ो अभी,राधा कहने लगी श्याम छोड़ो अभी,ना ना कहते भी उसने रंगाया,श्याम होलि खेलने आया,सारे ब्रज में...
तर्ज – रंग बरसे भीगे रंग बरसे नाचे,कृष्ण मुरारी रंग बरसे,रंग बरसे नाचें,राधा प्यारी रंग बरसे…….. टेढ़ो सा है मेरो बांके बिहारी,है तीखी कटारी वृंदावन बिहारी,मारे ज़ोर से पिचकारी,मुरारी रंग बरसे,रंग बरसे नाचें,कृष्ण मुरारी रंग...
सांवल सा गिरधारी,भला हो रामा सांवल सा गिरधारी,भरोसो भारी,हरी बिना मोरी,गोपाल बिना मोरी,सांवल सेठ बिना मोरी,कुण खबर लेवे म्हारी,सांवल सा गिरधारी……. लटपट पाग केशरिया जामा,लटपग पाग जारी रा जामा,हिवड़े रो हार हज़ारी,भला हो रामा हिवड़े...
वृंदावन के कृष्ण मुरारी,अब तो सुनलो अर्ज हमारी,वृंदावन के कृष्ण मुरारी…….. द्वार पे तेरे कबसे पड़ा हूँ,दोनों हाथ पसारे खड़ा हूँ,अर्ज़ ये मेरी ना ठुकराना,हे मनमोहन शरण पड़ा हूं,लाखों की तुमने बिगड़ी सवारीअबतो सुनलो अर्ज...
मुझको माधव का सहारा मिल गया,मेरी कश्ती को किनारा मिल गया……. मैं किसी की द्वार जाओ किस लिये,मुझको मोहन का दुबारा मिल गया,मेरी कश्ती को किनारा मिल गया,मुझको माधव का सहारा मिल गया…… ढूंढ़ती फिरती...
सांवरिया नन्द किशोर, तेरे नैना हैं चितचोर,अरे रे मेरा दिल ले गए, अरे रे मेरा दिल ले गए,सांवरिया नन्द किशोर………… नैनो की तेरी ये तीखी कटारी,जादू कर गई मो पे है भारी,म्हारे मन में उठे...
तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है मेरे ब्रज की माटी चंदन है,गुणवान सभी कहते है,ब्रज के राजा यशोदानन्दन,गिरधारी जहाँ रहते है,मेरे ब्रज की माटी चंदन है….. जिसको कहते है नंदलाला,सारे जग का श्याम...
नन्द को गोपाल,माता यशोदा को लाल,प्यारो सवरियो सरकार,वृंदावन में आज,मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम,मीठी बंसी बजावे म्हारो श्याम…… घर घर होवे पूजा थारी,गांव गांव जस गावे जी,जो कोई लेवे नाम श्याम को,मन इच्छा फल पावे...